Kegel Exercise क्या है? आज ही शुरू करें महिला और पुरुष दोनो रहेंगे खुश

मेरे प्यारे दोस्तों स्वागत है. Daily ki Life में.  आप का मेरे इस आर्टिकल को पड़ने के लिए. आज हम बात करने वाले है. केगल एक्सरसाइज के बारे में जो आज कर युवाओं के बीच काफी चर्चा में रहता हम आप को बताना चाहेंगे. की Kegel Exercise एक खास तरह की एक्सरसाइज है, जिसे पेल्विक फ्लोर के मसल्स को मजबूत करने के लिए किया जाता है। ये वही मसल्स होती हैं जो पेशाब की थैली मूत्राशय, गर्भाशय और आंतों को सहारा देती हैं। इस व्यायाम को डॉक्टर अर्नोल्ड कीगल ने खोजा  था। मेरे

मैं अपने अनुभव से कहूँ तो, जब मैंने कुछ डॉक्टर और कुछ व्यायम करने वाले अध्यापक से बात किया तो उन्होंने बताया की इसे सही तरीके और नियमित रूप से किया जाए, तो यह पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। इससे पेशाब को कंट्रोल करने में मदद मिलता है और यौन स्वास्थ्य भी धीरे-धीरे बेहतर होने लगता है।

दोस्तो हम आप को बता दे की इस एक्सरसाइज का नाम डॉक्टर अर्नाल्ड कीगल (Arnold Kegel) के नाम पर रखा गया है। उन्होंने इसे लगभग 1940 के समय में विकसित किया था। उस समय उनका मकसद महिलाओं में मासिक प्रसव के बाद होने वाली समस्याओं को कम करना था, लेकिन बाद में यह समझ में आया कि यह एक्सरसाइज पुरुषों के लिए भी उतनी ही फायदेमंद है। जिसकी वजह से आज के समय में डॉक्टर भी इसे पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने के लिए एक सरल और असरदार उपाय मानते हैं।

Kegel Exercise करने से क्या होता है?

कीगल एक्सरसाइज करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां धीरे-धीरे मजबूत होने लगती हैं। ये वही मसल्स होती हैं जो पेशाब को रोकने, यौन स्वास्थ्य और शरीर के निचले हिस्से को सहारा देने का काम करती हैं। मेरे अनुभव और डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक, अगर इसे रोज़ाना थोड़ी देर किया जाए तो इसके अच्छे नतीजे साफ दिखने लगते हैं।

Kegel exercise
pelvic floor

1. पेल्विक फ्लोर मसल्स मजबूत होती हैं
2. मूत्र रोकने की शक्ति बेहतर होती है
3. महिलाओं में प्रसव के बाद रिकवरी तेज होती है
4. पुरुषों में इरेक्शन से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं
5. यौन संतुष्टि बढ़ती है
6. ओर्गेज्म की तीव्रता बढ़ती है

पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) क्या है?

दोस्तो आप को सबसे पहले ये जानना बहुत ही जरुरी है. की पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों का एक ऐसा समूह है, जो हमारे शरीर में नाभि के निचले हिस्से में मौजूद होता है। यही मांसपेशियां मूत्राशय, आंतों और महिलाओं में गर्भाशय व पुरुषों में प्रोस्टेट को सही जगह पर सहारा देती हैं। आज आप Daily Ki Life में जानेंगे.

पेल्विक फ्लोर का क्या काम होता है ?

आप को ये जानना बहुत ही जरुरी है. की पेल्विक फ्लोर का काम हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज़रूरी होता है, हालांकि ज़्यादातर लोग इस पर ध्यान नहीं देते। ये मांसपेशियां शरीर में नाभि के निचले हिस्से में रहकर कई अहम जिम्मेदारियां निभाती हैं।

पेल्विक फ्लोर का मुख्य काम मूत्र और मल को नियंत्रित करना है, जिससे हमें पेशाब या शौच पर पूरा नियंत्रण रहता है। इसके साथ-साथ यह यौन अंगों को सहारा देता है और यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। महिलाओं में डिलीवरी के समय यही मांसपेशियां गर्भाशय को सहारा देती हैं और प्रसव प्रक्रिया में सहयोग करती हैं। वहीं पुरुषों में यह यौन प्रदर्शन और आत्मविश्वास से जुड़ी भूमिका निभाती हैं।

काम शब्दों में कहें तो —

  1. मूत्र और मल को नियंत्रित काने का काम करता है.
  2. यौन अंगों को सहारा देने का भी काम करता है.
  3. महिला के प्रसव में भी सहायता करता है.

Kegel Exercise कब करना चाहिए?

मेरे इस ब्लॉग Daily ki Life  को  पसंद करने वाले प्यारे साथियो Kegel Exercise की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे आप दिन में किसी भी समय कर सकते हैं। इसमें न तो ज़्यादा जगह चाहिए और न ही कोई खास उपकरण। फिर भी मेरे अनुभव से कहूँ तो, अगर इसे सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले किया जाए, तो इसका असर ज्यादा अच्छा देखने को मिलता है।

और महिलाओं के लिए बात करें तो डिलीवरी के बाद इसे शुरू कर सकती हैं, लेकिन बेहतर यही रहता है कि पहले डॉक्टर से सलाह ले ली जाए। क्योकि इससे शरीर जल्दी रिकवर करता है और अंदर की मांसपेशियों को फिर से मजबूती मिलती है।

वहीं अगर हम पुरुष की बात करे तो इसे किसी भी उम्र में शुरू कर सकते हैं, खासकर अगर उन्हें मूत्र नियंत्रण या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही हो। तो इसे कुछ महीनो तक नियमित रूप से जरूर ट्राई करना चाहिए.

दोस्तों अगर आप इसे रोज़ाना एक तय समय पर करते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में आप को इसके सकारात्मक बदलाव होते हुए दिखाई देने लगेंगे. यही वजह है कि Kegel Exercise को लंबे समय तक करते रहने से ज्यादा फायदे देखने को मिलता है।

महिलाएं इसे डिलीवरी के बाद शुरू कर सकती हैं (डॉक्टर की सलाह से), जबकि पुरुष इसे किसी भी उम्र में शुरू कर सकते हैं।

Kegel Exercise करने का सही तरीका

दोस्तों आप को एक बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए. की Kegel Exercise  तभी असर दिखाती है, जब इसे सही तरीके से किया जाए। शुरुआत में थोड़ी-सी समझ और ध्यान ज़रूरी होता है। मैंने देखा है कि लोग जल्दबाज़ी में गलत मसल्स को टाइट कर लेते हैं, जिससे पूरी तरह से फायदा नहीं मिल पता है।

तो सबसे पहले आप को पेल्विक फ्लोर मसल्स को पहचानना बहुत ही ज़रूरी है। जब आप पेशाब कर रहे होते है. या जब आप को पेशाब का ज्यादा प्रेशर महशूस हो रहा होता है. तब पेशाब को रोकने के लिए जिस तरह से कोशिश करते हैं, उस समय जो मांसपेशियां सिकुड़ती हैं, वही पेल्विक मसल्स होती हैं। इसे एक-दो बार पेशाब करते समय पहचान लेने के बाद आप को समझ में आ जायेगा. मगर ध्यान रहे. इसे पेशाब के दौरान न करें, बल्कि सामान्य समय में अभ्यास करें।

साथियो ध्यान दीजिये. जब आप को ये एक्सरसाइज करना हो. तो सबसे पहले आराम से बैठ जाएँ या लेट जाएँ और पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। इसके बाद पेल्विक मसल्स को धीरे-धीरे 5 सेकंड तक खींच कर रोके रखें। फिर बिना जल्दबाज़ी किए धीरे से 5 सेकंड के लिए उन्हें पूरी तरह छोड़ दें। इसी प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएँ। अगर आप इसे दिन में 2 से 3 बार नियमित रूप से करते हैं, तो कुछ ही समय में मसल्स में मजबूती महसूस होने लगती है।

Kegel Exercise
Kegel Exercise

Kegel Exercise कौन – कौन कर सकता है ?

अगर हम बात करें Kegel Exercise की खास बात यह है कि यह लगभग हर उम्र के पुरुष और महिलाएं कर सकते हैं। यह एक सुरक्षित, सरल और बिना किसी उपकरण की एक्सरसाइज है, जिसे घर पर आराम से किया जा सकता है। डॉक्टर भी इसे कई शारीरिक समस्याओं में सहायक मानते हैं।

मगर एक बात ध्यान देना चाहिए. गर्भवती महिलाएं इसे हल्के रूप में कर सकती हैं, जिससे डिलीवरी के समय और बाद में शरीर को सहारा मिलता है। डिलीवरी के बाद महिलाएं डॉक्टर की सलाह से इसे शुरू कर सकती हैं, ताकि पेल्विक मसल्स जल्दी मजबूत हों। और जिन लोगों को पेशाब रोकने में परेशानी होती है या बार-बार यूरिन जाने की समस्या रहती है, उनके लिए यह एक्सरसाइज काफी फायदेमंद मानी जाती है।

इसके अलावा, जो लोग प्रोस्टेट सर्जरी करवा चुके है. और जो पुरुष, यौन कमजोरी से परेशान लोग और उम्र बढ़ने के कारण पेल्विक मसल्स में आई कमजोरी और ढीलापन महसूस करने वाले व्यक्ति भी इसे कर सकते हैं।

पुरुषों के लिए Kegel Exercise के फायदे

अगर देखा जाये तो पुरुषों में Kegel Exercise का नियमित अभ्यास करने से पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करता है, जिसका सीधा असर यौन स्वास्थ्य और मूत्र नियंत्रण पर पड़ता है। मैंने कई लोगों को यह कहते सुना है कि कुछ हफ्तों के अभ्यास के बाद उन्हें अपने शरीर पर बेहतर कंट्रोल महसूस होने लगता है।

इसके फायदे कुछ इस प्रकार से देखने को मिलते है. हम आप को निचे बता रहे है. —

1.जिनको जल्दी जल्दी पेशाब लगता है. इसमें भी काफी हद तक रहत देखने को मिलती है.
2.इरेक्शन में सुधार होता है और नाभि के निचे की सभी नसे मजबूत होती है
3.लम्बे समय तक करने से शीघ्रपतन की समस्या में भी धीरे-धीरे राहत मिलती है
4.प्रोस्टेट ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं में भी मदद देखने को मिलती है
5.पेशाब को कंट्रोल करने में ताकत मिलता है. और टपकने की समस्या कम होती है

पेल्विक फ्लोर हमारे शरीर में कहाँ होता है?

आज आप को इस ब्लॉग में सभी जानकारी मिल जायेगा. पेल्विक फ्लोर हमारे शरीर में नाभि के निचले हिस्से में, दोनों हिप्स (कूल्हों) के बीच स्थित होता है। यह मांसपेशियों का जाल मूत्रमार्ग, मलद्वार और यौन अंगों के आसपास फैला रहता है और इन्हें सहारा देने का काम करता है।

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आसान तरीके से समझें तो, जब आप पेशाब रोकने की कोशिश करते हैं और तब जो मांसपेशियां अपने-आप टाइट हो जाती हैं, वही पेल्विक फ्लोर मसल्स होती हैं। इन्हें महसूस कर पाना ही कीगल एक्सरसाइज का पहला और सबसे ज़रूरी कदम माना जाता है।

Kegel Exercise के फायदे और नुकसान

फायदे:

✔️ कीगल एक्सरसाइज को करने के लिए किसी भी प्रकार की उपकरण की जरुरत नहीं पड़ती है.
✔️ कीगल एक्सरसाइज कहीं भी की जा सकती है आप चाहे तो बैठ कर भी कर सकते है. और चाहे तो लेट कर भी कर सकते है.
✔️ यौन स्वास्थ्य और मूत्र नियंत्रण बेहतर बनता है
✔️ महिलाओं के लिए भी फायदेमंद होता है.

नुकसान (अगर गलत तरीके से करते है. तो )

❌ गलत तरीके से लम्बे समय तक करने से गलत मसल्स पर असर पड़ सकता है.
❌ गलत तरीके से करने में सांस रोकने से चक्कर आ सकता हैं
❌ आप अगर ध्यान नहीं देंगे. तो पेट या जांघ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है.
❌ बीच बीच में छोड़कर करने से काम लाभ और अचानक से ज्यादा करने पर थकावट लग सकता है.

Kegel Exercise कितने दिन करनी चाहिए?

कीगल एक्सरसाइज का असर तुरंत नहीं दिखता, लेकिन अगर इसे सही तरीके और नियमित रूप से किया जाए तो 4 से 6 हफ्तों में फर्क महसूस होने लगता है। शुरुआत में थोड़ा धैर्य रखना ज़रूरी है, क्योंकि मांसपेशियों को मजबूत होने में समय लगता है।

बेहतर परिणाम के लिए दिन में 10–15 बार के 3 सेट करें और इसे अपनी रोज़मर्रा की आदत बना लें। लगातार अभ्यास से न सिर्फ पेल्विक फ्लोर मजबूत होता है, बल्कि मूत्र नियंत्रण और यौन स्वास्थ्य में भी धीरे-धीरे सुधार दिखाई देता है।

यह आपके हिप्स (कूल्हों) के बीच नीचे की ओर होता है — यानी वो मांसपेशियां जो पेशाब रोकते वक्त सिकुड़ती हैं।

ब्लॉग का निष्कर्ष

कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercise) एक बहुत ही आसान लेकिन असरदार व्यायाम है, जिसे हर कोई अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकता है। यह न सिर्फ शरीर के पेल्विक फ्लोर को मजबूत करता है, बल्कि मूत्र नियंत्रण, यौन स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन में भी सुधार लाता है। मेरे अनुभव से कहूँ तो, जब इसे रोज़ाना सही तरीके से किया जाए, तो इसके फायदे धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से दिखाई देते हैं। इसलिए इसे अपनी रोज़ की आदत बनाइए और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

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