सर्दी में खांसी क्यों होती है? बच्चों और बड़ों में खांसी के कारण, घरेलू इलाज और बचाव

सर्दियों का मौसम आते ही ठंडी हवाओं और तापमान में गिरावट से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इस दौरान गले और फेफड़ों में संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है, जिसकी वजह से खांसी होना आम बात है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में खांसी-जुकाम जल्दी घेर लेता है। आइए जानते हैं सर्दी की खांसी के कारण, लक्षण, घरेलू उपाय और बचाव के तरीके विस्तार से।

सर्दी में खांसी क्यों होती है? (Causes of Cough in Winter)

सर्दी में खांसी की सबसे बड़ी वजह है — ठंडी और सूखी हवा। जब हम ठंडी हवा में सांस लेते हैं तो वह गले और श्वसन तंत्र को सूखा देती है। इससे गले की झिल्ली में जलन होती है और खांसी शुरू हो जाती है।
इसके अलावा, ठंड के मौसम में लोग अक्सर पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और बलगम गाढ़ा होकर गले में जमा हो जाता है। धूल, प्रदूषण और एलर्जी भी इस मौसम में खांसी के बड़े कारण बन जाते हैं।

बच्चों में सर्दी की खांसी के आम कारण (Winter Cough in Kids)

खांसी के आयुर्वेदिक घरेलू उपाय

बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों की तुलना में कम होती है, इसलिए वे मौसम के बदलाव को जल्दी पकड़ लेते हैं। ठंड लगना, ठंडी चीज़ें खाना या स्कूल में वायरस का फैलना बच्चों में खांसी के मुख्य कारण हैं।
कई बार बच्चे गर्म कपड़े नहीं पहनते या नहाने के तुरंत बाद ठंडी हवा में चले जाते हैं, जिससे शरीर को झटका लगता है और गले में सूजन आ जाती है। कमरे में धूल या नमी भी बच्चों की खांसी को बढ़ा सकती है।

खांसी के प्रकार (Types of Cough in Winter)

सर्दी में खांसी कई प्रकार की हो सकती है।

  • सूखी खांसी (Dry Cough): इसमें गले में खुजली या जलन महसूस होती है लेकिन बलगम नहीं निकलता।
  • बलगमी खांसी (Wet Cough): इसमें गले या फेफड़ों में बलगम जमा होता है और खांसी के साथ निकलता है।
  • एलर्जिक खांसी: यह धूल, धुएं या परफ्यूम जैसी चीज़ों से ट्रिगर होती है।
  • रात में बढ़ने वाली खांसी: ठंडी हवा और लेटने पर गले में बलगम जमने से रात के समय खांसी बढ़ जाती है।

सर्दी की खांसी के घरेलू उपाय (Home Remedies for Cough in Winter)

घर में मौजूद कुछ साधारण चीज़ें खांसी को जल्दी ठीक करने में बहुत मददगार साबित होती हैं।

  • अदरक और शहद: अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गले की सूजन कम करते हैं। शहद के साथ मिलाकर लेने से यह प्राकृतिक खांसी सिरप की तरह काम करता है।
  • तुलसी और काली मिर्च की चाय: यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और गले की खराश को ठीक करती है।
  • भाप लेना: गर्म पानी की भाप लेने से बलगम ढीला होता है और सांस लेने में आसानी होती है।
  • हल्दी वाला दूध: हल्दी एंटी-बैक्टीरियल होती है और गले के संक्रमण को ठीक करती है।
  • गरारे: गुनगुने पानी में नमक मिलाकर दिन में दो बार गरारे करने से गले की सूजन में राहत मिलती है।

बच्चों की खांसी के लिए घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Kids Cough)

बच्चों की सर्दी खांसी का नुस्खा

छोटे बच्चों के लिए दवाइयों की जगह घरेलू नुस्खे ज्यादा सुरक्षित और असरदार होते हैं।

  • बच्चे को गुनगुना पानी पिलाएं ताकि बलगम पतला हो सके।
  • 1 चम्मच शहद में थोड़ा अदरक का रस मिलाकर दिन में दो बार दें।
  • सरसों के तेल में लहसुन डालकर गर्म करें और उस तेल से बच्चे की छाती और पीठ की हल्की मालिश करें।
  • रात में गले को ढककर सुलाएं ताकि ठंडी हवा गले तक न पहुंचे।

कब डॉक्टर को दिखाएं (When to See a Doctor)

अगर खांसी 7-10 दिनों से ज्यादा समय तक रहे या साथ में तेज बुखार, बलगम में खून, या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
बच्चों में अगर खांसी के साथ छाती से आवाज़ आने लगे या भूख कम हो जाए तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।

सर्दी की खांसी से बचाव के उपाय (Prevention Tips)

सर्दियों में थोड़ी सावधानी रखकर खांसी-जुकाम से आसानी से बचा जा सकता है।

  • ठंड में बाहर जाते समय गले को स्कार्फ या मफलर से ढकें।
  • गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।
  • ठंडी चीज़ें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें।
  • घर में ह्यूमिडिफायर या भाप का प्रयोग करें ताकि हवा में नमी बनी रहे।
  • पौष्टिक आहार जैसे सूप, सब्ज़ियाँ और फल नियमित लें।

आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Remedies for Winter Cough)

आयुर्वेद के अनुसार खांसी मुख्य रूप से कफ दोष के असंतुलन से होती है। इसे ठीक करने के लिए ये उपाय प्रभावी हैं —

  • त्रिकटु चूर्ण (सोंठ, काली मिर्च, पिपली) का सेवन करें।
  • कंठकारी वटी गले की सूजन और खांसी दोनों को कम करती है।
  • अदरक, तुलसी और मुलेठी का काढ़ा सुबह-शाम लेने से गला साफ रहता है।
  • च्यवनप्राश रोज सुबह खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और खांसी-जुकाम से बचाव होता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सर्दी की खांसी भले ही आम बीमारी हो, लेकिन यह कभी-कभी गंभीर भी हो सकती है। इसलिए इसे हल्के में न लें। घर के सरल उपायों से राहत पाना संभव है, पर अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
सर्दियों में अपने गले की सुरक्षा करें, गर्म चीज़ों का सेवन करें और शरीर को ठंड से बचाएं — यही सबसे अच्छा उपाय है स्वस्थ रहने का।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

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